Home सरकार द्वारा सम्मान की पर क्यों आमने सामने आए अरूण गोविल और दीपिका ?

सरकार द्वारा सम्मान की पर क्यों आमने सामने आए अरूण गोविल और दीपिका ?

सम्मान की बात पर क्यों हुआ रामायण के एक्टर्स राम सीता में संग्राम ?
राम का किरदार निभाने वाले अरूण गोविल को लगता है कि किसी भी राज्य सरकार ने उनका सम्मान नहीं किया, लेकिन सीता यानि दीपिका चिखलिया ने सम्मान की बात पर एक नया ही राज़ खोल दिया।

अरूण गोविल ने कहा सम्मान नहीं हुआ तो सीता ने सम्मान की 32 साल पुरानी फोटो ही दिखा दी।जी हां, पिछले 24 घंटों में अरूण गोविल के सम्मान वाली बात पर सोशल मीडिया में खूब बहस चल रही है। दरअसल अरूण गोविल ने सोशल मीडिया पर एक चैट सेशन के दौरान ये कहते हुए अपना दुख जाहिर किया था कि उन्होंने इतना बड़ा किरदार निभाया, लेकिन ना ही उन्हें उनकी जन्मभूमि उत्तर प्रदेश से कोई सम्मान मिला और ना ही कर्मभूमि महाराष्ट्र से।

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अरूण गोविल के इस बयान पर उनका साथ देने रामायण के लक्ष्मण सुनील लहरी और रावण अरविंद त्रिवेदी भी चले आए। सुनील लहरी और अरविंद त्रिवेदी दोनों ने ही ट्वीट करके इस बात की मांग की कि रामायण के सारे अहम पात्रों को सम्मानित किया जाना चाहिए। और उनको उस वक्त किसी भी राज्य सरकार की तरफ से ढंग से कोई सम्मान नहीं हुआ।

लेकिन रामायण की सीता ने इस मामले पर एकदम अलग बात कही। वो इस बात से सहमत नहीं थी कि किसी सरकार ने रामायण के किरदारों को उस वक्त सम्मान नहीं दिया। और अपनी बात को साबित करने के लिए सीता यानि दीपिका चिखलिया ने एक 32 साल पुरानी तस्वीर शेयर कर डाली। देखिए इस तस्वीर में उस वक्त के प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ दीपिका चिखलिया, रामायण के निर्माता निर्देशक रामानंद सागर और खुद राम का किरदार निभाने वाले अरूण गोविल भी खड़े हैं।

इस तस्वीर की सच्चाई बताते हुए दीपिका चिखलिया ये भी जाहिर करती हैं कि ये पहला मौका था जब हमें सम्मानित किया गया। इस तस्वीर को शेयर कर के दीपिका ये भी कहना चाहती हैं कि ये कहना गलत होगा कि हमें सम्मानित नहीं किया गया।

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