Home ट्रेंडिंग इनकी तस्वीर देख कर आए रोए थे, कहानी सुनेंगे तो दर्द के मारे कराह उठेंगे !

इनकी तस्वीर देख कर आए रोए थे, कहानी सुनेंगे तो दर्द के मारे कराह उठेंगे !

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ये तस्वीर तो आपको याद ही होगी। पुराने मोबाइल फोन पर घर बात करते हुए दर्द से कराहते इस व्यक्ति का चेहरा हिन्दुस्तान में लगभग हर किसी ने देखा होगा। इनकी तस्वीर विस्थापन के दर्द का चेहरा बन गई थी। लेकिन ये तो बता थी सिर्फ इस तस्वीर की अब इस तस्वीर का सच और साथ ही इनके आंसुओं के पीछे की कहानी भी सामने आई है जो किसी भी पत्थर दिल को रूला देगी।

इनका नाम है रामपुकार पंडित। बिहार के बेगूसराय के रहने वाले रामपुकार दिल्ली के नेवादा इलाके में रहकर मजदूरी का काम करते थे। लेकिन लॉकडाउन में जब रामपुकार फंसे तो उन्हें मिलने वाला काम भी बंद हो गया। फिर भी रामपुकार लॉकडाउन में दिल्ली में ही रूके रहे। लेकिन इसी बीच रामपुकार पर दुख का एक और पहाड़ टूटा। लॉकडाउन में कैद रामपुकार को अपने 1 साल के इकलौते बेटे के मौती की खबर मिली।

गांव से छोटे नन्हे बेटे की मौत की खबर ने रामपुकार को तोड़ कर रख दिया। उसपर से जुल्म का आलम ये कि रामपुकार जब दिल्ली से पैदल ही अपने गांव के लिए निकले तो रास्ते में पुलिसवालों ने उन्हें खूब रोका। रामपुकार के दर्द का आलम ये था कि उन्हें 3 दिन तक यूपी बॉर्डर पर पुलिस ने रोक कर रखा। आंसुओं में डूबे रामपुकार इस समय अपने घर मोबाइल से ही बात करते थे और रोते थे। ये तस्वीर भी उसी वक्त खींची गई।

अब रामपुकार कहां हैं ये किसी को नहीं पता। हालांकि अब वो उस बॉर्डर पर नहीं हैं जहां उनकी तस्वीर खींची गई थी। रामपुकार की ये दर्दनाक तस्वीर लोगों की आंखों में आंसू ला रही है और इन सबके बीच रामपुकार अपने गांव पहुंचे या नहीं अब भी कोई नहीं जानता !

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