Home ट्रेंडिंग 58 साल बाद क्यों एक बार फिर से गरमाया युद्ध वाला चीन और भारत का बॉर्डर ?

58 साल बाद क्यों एक बार फिर से गरमाया युद्ध वाला चीन और भारत का बॉर्डर ?

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कोरोना की खबरों के बीच भारत और चीन के तनाव की खबर भले ही इस वक्त सुर्खियों में ना हो लेकिन दोनों देशों के बीच मामला लगातार भड़क रहा है। जी हां.. 58 साल पहले जिस घाटी में भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था, आज वहीं फिर से दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल है। इस घाटी में नदी के पास टेंट लगाने को लेकर भारत और चीन सीमा पर गंभीर तनाव की स्थिति बन चुकी है.

चीन के मीडिया ने भारत पर घुसपैठ और चीन की सीमा के अंदर अवैध रूप से रक्षा सुविधाएं स्थापित करने का आरोप लगाया है। वहीं भारतीय सेना ने मुताबिक चीन के सैनिक इस इलाके में टेंट लगाकर जानबूझकर उकसाने वाली गतिविधियां कर रहे हैं।ये जगह है गालवान घाटी। ये लद्दाख में है और यहीं पर गालवान नदी भी बहती है। 1962 के युद्ध में भी गालवान घाटी ही भारत और चीन के बीच टकराव की जगह बनी थी।

Image Source..India Today

आपने ये जगह मशहूर फिल्म थ्री इडियट्स के क्लाईमैक्स सीन में भी देखी होगी जहां नदी किनारे रैंचो अपने दोस्तों से मिलता है। अब ये जगह इस वक्त गर्मागर्मी का शिकार हो रही है। आपको बता दें कि  विवादित क्षेत्रों में टेंट लगाना और झड़प के लिए भड़काना पिछले कई वर्षों से चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की रणनीति का हिस्सा है।हमने आपको पहले भी बताया था कि इससे पहले 5-6 मई को चीन के सैनिक लद्दाख के पैंगोंग त्सो झील के पास भारतीय सैनिकों से भिड़े थे।

Image Source..Ajj Tak

इस घटना के बाद से भारत और चीन सीमा के उन इलाकों में चौकसी और जवानों की संख्या बढ़ा दी गई है जहां अक्सर दोनों देशों के जवानों में विवाद होता रहता है।देखिए चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भी ये खबर छापी है कि भारत और चीन के बीच सीमा पर तनातनी बढ़ रही है।

गालवान घाटी की तरह ही 2018 में चीन के सैनिकों ने सिंधु नदी के किनारे बसे डेमचोक सेक्टर के अंदर करीब 300 मीटर की दूरी पर टेंट बनाया था. जब ऐसी स्थिति आती है तो भारतीय सैनिकों को भी आगे बढ़ना पड़ता है. ऐसे में टकराव की स्थिति आ जाती है.ऐसे भी कोरोना के बाद से ही भारत और चीन के रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में ये देखना होगा कि सीमा पर भड़की तनातनी और टकराव एक खतरनाक मोड़ तक ना पहुंच जाए।

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