Home ट्रेंडिंग Red Label चाय पत्ती के 1 साल पुराने AD पर अचानक से “कुछ हिन्दू” क्यों भड़क गए हैं ?

Red Label चाय पत्ती के 1 साल पुराने AD पर अचानक से “कुछ हिन्दू” क्यों भड़क गए हैं ?

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लो जी इस साल के विवाद कैलेंडर में एक और नया पन्ना जोड़ दिया है भाई लोगों ने। और इस बार विवादों के गर्मागर्म पतीले में चाय उबल रही है। जी हां, वो ‘रेड लेबल चाय’ का नाम सुना है ना ! बस उसी पर भड़क गए हैं कुछ लोग और गणेश चतुर्थी से ठीक पहले बप्पा के नाम पर रेड लेबल चाय के बहिष्कार यानि Boycott का एलान किया जा रहा है

पूरा मसला समझेंगे तो हैरानी भी होगी और खुद से सवाल पूछेंगे कि आखिर हम जा कहां रहे हैं ?

ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है- #BoyCottRedLebal. बड़े बड़े ट्विटर के “महारथी” दनादन रेड लेबल चाय को बायकॉट करने के ट्वीट ठोके जा रहे हैं। अब ऐसा क्यों हो रहा है भईया। तो दरअसल किस्सा ये है कि रेड लेबल ने 1 साल पहले गणेश चतुर्थी के मौके पर जो विज्ञापन बनाया था उसपर अब जाकर कुछ लोगों का गुस्सा उबल रहा है। पहले विज्ञापन देख लीजिए, फिर आगे का पूरा किस्सा भी बयां कर देते हैं।

“महारथी लोग” ये नीचे वाली 1 साल पुरानी फिल्म पर भड़के हैं 👇 मतलब सच में गज्जबे है !

रेड लेबल ने इस विज्ञापन को 1 साल पहले 2018 की गणेश चतुर्थी के मौके पर बनाया था। विज्ञापन क्या.. एक शॉर्ट फिल्म जैसी थी ये। लिहाजा इसे टीवी पर नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर ही रिलीज किया गया था। पिछले साल रिलीज हुए इस वीडियो को यू ट्यूब पर खूब प्यार भी मिला था।

लेकिन 1 साल में पता नहीं क्या हुआ, अचानक से इस गणेश चतुर्थी पर लोग इस पुराने वीडियो पर भड़क गए हैं। ट्विटर पर अंकल से लेकर आंटी तक, सब चाय का डिब्बा हाथ में लेकर बहिष्कार की मांग कर रहे हैं।

लोगों का गुस्सा इस बात पर है कि रेड लेबल के विज्ञापन में हिन्दुओं को जानबूझकर गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। लेकिन ये बात सच में समझ के बाहर है भईया कि 1 साल बाद अचानक से गणेश चतुर्थी के मौके पर ही पुराने एड के नाम पर विवादों की कब्र क्यों खोदी जा रही है ? क्या ये गणेश चतुर्थी नहीं विवाद का सीज़न है ?

लोग कह रहे हैं – हमें पाठ ना पढ़ाओ, हम सब ज्ञानी हैं। लेकिन ज़रा ठहर कर गौर से देखें तो हकीकत ये भी है कि रेड लेबल चाय के पुराने विज्ञापन के बहाने नफरत की खेती करके “अपना पॉलिटिकल एजेन्डा” भी बीच में सेट करने की कोशिश की जा रही है !

देखिए जरा.. कैसे धीरे से चाय के नाम पर बवाल उठाकर देश के धर्मनिरपेक्ष माहौल में आग लगाने वाला एजेन्डा भी फिक्स किया जा रहा है। बॉयकॉट रेड लेबल के साथ ही हिन्दू जागृति नाम के संस्थान को ज्वाइन करके हिन्दू राष्ट्र बनाने की अपील भी साथ में लोगों के दिमाग में घुसाई जा रही है।

1 साल पुराने विज्ञापन पर ज़बरदस्ती विवाद भड़काने की कोशिश

कहते हैं बासी कढ़ी में उबाल नहीं आता। लेकिन देखिए 1 साल पुरानी चाय पत्ती के एड में क्या खूब उबाल आया है। 1 साल पुराना विज्ञापन जिसे लोग आज की तारीख में शायद देख भी नहीं रहे होंगे, भला उसको खोदकर निकालने के पीछे भला क्या मंशा हो सकती है ?

नफरत की कढ़ाई में पुरानी चाय खूब उबाली जा रही है। हिन्दू राष्ट्र के नाम पर इमोशनल होने और करने वाले लोग भी दनादन ट्वीट और रिट्वीट मारे जा रहे हैं।

हालांकि इन सबके बीच कुछ लोग सिचुएशन के मजे भी ले रहे हैं।

हंसने और हैरानी की बात तो ये है कि रेड लेबल के बहिष्कार की मांग करने वाले कई “ट्विटर जांबाजों” को ये पता तक नहीं है कि रेड लेबल का ये वीडियो 1 साल पुराना है। वो तो बस भेड़ों की तरह देखा देखी ट्रेन्ड पर चल रहे हैं और शायद सोच रहे हैं कि ऐसा करके वो देश सेवा कर रहे हैं !

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